संतो नो स्वभाव छे एवो

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गुरु पुर्णिमां ना पावन तहेवार नी हार्दिक शुभकामना …💐

संतोनो स्वभाव छे अेवो , जनेतानी गोदना जेवो ,

दान बापुना देवळे जाजो , मानवी उजळे मन ,
साचा रुदे तमे साद करो तो दु:खना टाळे दन ,

संतोनो स्वभाव छे अेवो , जनेतानी गोदना जेवो ,

वगर माग्ये आपशे वे’ला , बाळने दिधेल बोल ,
बिरद संतोनां आकरां बापा , कहुं वगाडीने ढोल ,

संतोनो स्वभाव छे अेवो , जनेतानी गोदना जेवो ,

परचा अेना पार विनाना , ज माने तमारुं मन ,
फेरो सुधरी जाय , फेर नही एेमां , ताप मटाडे तन ,

संतोनो स्वभाव छे अेवो , जनेतानी गोदना जेवो ,

एेक डगलुं में आगळ भाळ्या , जननी थी जग संत ,
मात सुवरावे , संत जगाडे भेळवी द्ये भगवंत ,

संतोनो स्वभाव छे अेवो , जनेतानी गोदना जेवो ,

धुड धमाहा धोडता आवे , मा बथमां  लेशे बाळ ,
काळ मोढाथी कढवी नांखे , भावथी ल्ये संत भाळ ,

संतोनो स्वभाव छे अेवो , जनेतानी गोदना जेवो ,

बाळ स्वभावी “रावत” बनी जा माथडुं खोळे मेल्य ,
जवाबदारी दे दानबापुने , पछी खलक आखामां खेल्य ,

संतोनो स्वभाव छे अेवो , जनेतानी गोदना जेवो ,

रचयता कवि श्री :- रावत भगत , सरदारपुर .भेंसाण

Divyrajsinh Sarvaiya (Dedarda)

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