Maharana Shri Vijaysinhji Of Rajpipla State Narmada/महाराणा श्री विजयसिंहजी छ्त्रसिंहजी गोहिल (1890-1951) राजपीपला स्टेट (नर्मदा)

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Maharana Shri Vijaysinhji Of Rajpipla

महाराणा श्री
विजयसिंहजी छ्त्रसिंहजी गोहिल (1890-1951)
राजपीपला स्टेट (नर्मदा)
राजपीपला राज्य के महाराणा लेफ्टिनेंट कर्नल श्री विजयसिंहजी छत्रसिंहजी गोहिल का जन्म ई.स. 1890 में नांदोद (राजपीपला) में हुआ था और उन्होंने राजकुमार कोलेज, राजकोट और इम्पीरियल कैडेट कोर, देहरादून से शिक्षा प्राप्त की थी ।
महाराणा श्री विजयसिंहजी घोडेस्वारी में गहरी दिलचस्पी रखते थे । उन्होंने अपने अश्वो के साथ 1919 में भारतीय डर्बी (Indian Derby) (तिपस्ट/Tipster), 1926 में आयरिश डर्बी (Irish Derby) (एम्बारगो/Embargo), 1927 में ग्रान्ड प्रिक्स (Grand Prix) (एम्बारगो/Embargo), और 1934 में एप्सम डर्बी (Epsom Derby) (विंडसर लेड/Windsor Lad) जैसी घोडेस्वारी प्रतियोगीताए जीती है । एप्सम डर्बी को दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित घोडदोड़ प्रतियोगीता माना जाता है जिसकी शरुआत 1780 में हुई थी । यह प्रतियोगीता का आयोजन हर साल जून मास के पहले सप्ताहांट में एप्सम डाउंस रेसकोर्स (Epsom Downs Race Course), एप्सम इग्लेण्ड में किया जाता है ।
एप्सम डर्बी जितना एक जबरदस्त उपलब्धि है । एप्सम डर्बी जितना और विश्व कप (World Cup) या विंबलडन (Wimbledon) जितना एक सामान बात है ।
1780 आज तक एप्सम डर्बी जितने वालो में महाराणा लेफ्टिनेंट कर्नल श्री विजयसिंहजी छत्रसिंहजी गोहिल ही एकमात्र भारतीय है जिन के अश्व विंडसर लेड ने 6 जून 1934 को एप्सम डर्बी दोड़ जीता था । आज तक अन्य कोई भारतीय व्यक्ति को यह सौभाग्य प्राप्त नहीं हुआ है ।

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महाराणा श्री विजयसिंहजी ऑफ़ राजपिपला

वे अच्छे घुड़सवार थे । उनका घोडा प्रतिबंघे 1926 में आईरिश डर्बी और बेल्जियम 1927 में ग्रैंड प्रिक्स और अन्य स्पर्धा ऐ जीती, विंडसर LA वो बोम्बे स्थित कई पुरस्कार वर्थ तेवो ऐ जीता., Melesigenes जेसे, 1934 और सिंह घोड़े में एपसन डर्बी जीती. पुणे और अन्य भारतीय मैदानों , और 1932-33 में ते भारत में रेसिंग घटनाओ में सबसे ऊपर था. राजा और रानी ब्रिटेन की और अंग्रेजी मैदान पर उनकी जीत के सम्मान लेकिन। इंग्लैंड, वह इस मौसम का ज्यादा खर्च, और कहा कि फुटबॉल, हॉकी और क्रिकेट की तरह आउटडोर खेल सर्दियों में भारत लौटे प्रोत्साहित है। खेल राजपिपला राज्य के छात्रों के लिए अनिवार्य कर दिया गया था। वह (शुरुआत के रूप में यह कभी नहीं देखा) के रूप में राज्य के 1948 ईसवी में विलय कर दिया गया था, एक पूरी तरह कार्यात्मक और परिचालन एरोड्रम से लैस राजपिपला के लिए पोलो ग्राउंड और जिमखाना क्लब महाराजा सपनों 150 एकड़ था। हैरानी की बात है, उसकी लंबे समय से यूरोप में sojourns और ब्रिटिश ताज के प्रति वफादारी के लिए जाना जाता था, गांधीवादी सिद्धांतों और मानदंडों के खिलाफ भावनगर जीत के महाराजा और 1940 में राष्ट्रवादी आंदोलन के अपने साथी गोहिल राजपूत शासकों की तरह……..
जय माताजी
जय एकलिंगजी
जय हरसिद्धि माँ
सह आभार ; भयपालसिंहजी गोहिल, गोहिलराज ग्रुप में से…

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