Daily Archives: February 22, 2016

LalBapu Gadhethad Gayatri Aashram / लालबापू गधेथड़ गायत्री आश्रम

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.       परमपूज्य लालबापू गधेथड़ ने मारी शब्दवंदना

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समरु गणपत शारदे, आरद करू अनंत।
व्हारे धाजे वेगथी, शब्दे पुजवा संत॥…1

संत सोहामण लाल, व्हाल भर्या शब्दों वदे।
हैडा हवेय हाल, दर्शन करवा दिवुभा॥…2

गायत्रीमाँ गधेथड़े, आंगण बेठी आई।
वेद वाहरा वाय, दिव्य लाल दरबारमाँ॥…3

जोगी जटाधारी जपे, गायत्री ना गीत।
चळे न जेनु चीत, दिव्य लाल बापू दिसे॥…4

नयनो तेजे नितरता, मंद हास्य मलकात।
विश्वमित्र नी वात, दिव्य लाल देखाड़ता॥…5

अवनि जे अंजवाळता, रंगे सूरज रान।
गायत्री ना गान, दिव्य लाल बापू दिए॥…6

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विपत पड़े ज्यारे वडी, जगे न कोई जंतर।
महा एक मंतर, दिव्य लाल देवे दीधो॥…7

कलियुग केरो कारमो, अवनि माँ अंधार।
दिव्य लाल सम दिवडो,अहोनिश अंजवार॥…8

धखधखती धरती परे, धरम नी पड़े धाड़।
आड़ी बांधी आड़, दिव्य लालदेव् वेद नी॥…9

त्रिविध पाप ने ताप थी, सळगे जो संसार।
वर्षा दिव्य बने वेद नी, तरत लाल ले तार॥…10

शमे संत सानिध्यमां, अंतर ना उत्पात।
घटे वडोवड घात, दिव्य लाल दर्शन थकी॥…11

क्षत्री कुळ उजळु कर्यु, लाल धरी अवतार।
समरथ दिव्य संत ने, जाजा रंग जुहार॥…12
– दिव्यराजसिंह सरवैया कृत

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